नई दिल्ली,05 मार्च। दक्षिणी जिले की स्पेशल स्टॉफ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो नकली पुलिस वाला बनकर बुजुर्ग महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इस गिरोह को सरगना के साथ गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह छीना-झपटी के नाम पर इन महिलाओं से उनके गहने उतरवा लेता था और झांसा देकर उन गहनों को लेकर फरार हो जाता था। सबसे दिलचस्प यह है कि यह गिरोह मुंबई से आकर दिल्ली में वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने इस गिरोह को दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि यह गिरोह मुम्बई से आ कर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में वारदात को अंजाम देते थे। इसके बाद पुन: मुम्बई वापस लौट जाते थे। ये महीने में दो बार दिल्ली आते थे। इनका निशाना मुख्य रूप से बुजुर्ग महिलायें हुआ करती थीं। ये पुलिस की वर्दी में सुनसान इलाकों में खड़े होकर बुजुर्ग महिला को देख उन्हे रोक लेते थे। इसके बाद उनसे इलाके में बढ़ती छीना-झपटी की वारदातों के नाम पर झांसा देकर उनसे गहने उतरवा लेते थे। इन गहनों को वे बकायदा एक पॉलिथीन में रख कर उन्हें नकली गहने थमा देते थे और वहां से रफूचक्कर हो जाते थे। इसके लिए उन्होंने अपने पास एक मोटरसाइकिल भी रखी थी। इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब शकुंतला नाम की एक महिला ने इस बाबत थाने में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम का गठन किया गया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली की मदन गिरी मार्केट में कुछ बदमाश लूटपाट के इरादे से आने वाले हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान सरताज अली(50) व शेरू हुसैन(35) के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे मुम्बई के रहने वाले हैं और महीने में दो बार दिल्ली आकर वारदात को अंजाम दे देते थे। वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी मुम्बई से ही ट्रेन के जरिये लेकर आते थे। यहांकर वे निजामुद्दीन या पहाड़गंज के होटलों में ठहरते थे। पुलिस ने इनके पास से सोने के कंगन, अंगूठी और बाइक बरामद की है।
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