
अंतररार्ष्ट्रीय महिला दिवस के दिन एक सनसनी फैलादेने वाली मामला प्रकाश मैं आया है. राजधानी में एक 21 वर्षीय छात्रा की एक अज्ञात हमलावर ने दिन दहरे गोली मारकर हत्या कर दी. महिला के सुरक्षा को लेकर चाहे पुलिस कितने भी दावे क्यों न कर ले लकिन सच्चाई यही है की देस की राजधानी दिल्ली मैं आज भी महिला कही भी सुरक्षित नहीं है.चाहे वो ऑफिस हो या फिर सड़क या फिर घर ही क्यों न हो. आये दिन कोई न कोई घटना होती ही रहती है. एक दिन पहले यानि ७ मार्च की ही बात करें तो एक बुजर्ग महिला की घर मैं ही हत्या कर दी गयी. उसके बाद ८ मार्च को कालेज जाते एक छात्र की गोली मर कर हत्या कर दी गयी.
छात्रा राधिका तोमर दिल्ली के नरेला गाँव में रहती थी, और दिल्ली युनिवर्सिटी मैं साउथ कैंपस के रामलाल आनंद कॉलेज में द्वितिय वर्ष की छात्रा थी. पुलिस ने शुरुवाती जाँच में पाया है कि हत्या लूटपाट के मकसद से नहीं की गई बल्कि हत्या करने वाला लड़की का पीछा करने वाला कोई हो सकता है. जो लड़की को जानता था.
दिल्ली के धौलाकुँआ के पास स्थित रामलाल कॉलेज के पास स्थित पैदल पार पुल पर लड़की को सुबह साढे दस बजे सरेयाम गोली मारी गई. इस हत्या के बाद दिल्ली में एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इस हत्या के बाद साउथ कैंपस के छात्रों ने सुरक्षा स्थिती के खिलाफ रिंग रोड पर प्रदर्शन भी किया.
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