
पूर्वी दिल्ली, 06 मार्च | खजूरी खास इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में शेर आलम को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनीता गुप्ता की अदालत ने दोषी करार दिया और सात साल कैद एवं छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि जुर्माना राशि अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। अदालत ने कहा कि जुर्माना राशि से पांच हजार रुपये की रकम पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
खजूरी खास थाने की पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर उसके पड़ोस में रहने वाले युवक शेर आलम के खिलाफ 19 अगस्त 2008 को दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। अपनी शिकायत में महिला का कहना था कि वह सोनिया विहार इलाके में किसी काम से गई थी। घर पर उसकी 15 वर्षीय बेटी अकेली थी। उसे अकेला पाकर शेर आलम छत के रास्ते उनके घर में घुसा और उसकी बेटी से दुष्कर्म कर फरार हो गया। रात में जब वह घर पर लौटी तो उसकी बेटी ने आपबीती बताई। पुलिस ने शेर आलम को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया था। पुलिस ने अदालत में शेर आलम के खिलाफ कुल 12 गवाह पेश किए थे।
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