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Friday, January 25, 2013

कड़कड़डूमा कोर्ट ने बेटी से दुष्कर्म के मामले मैं पिता को दस साल की दी सजा


 नई दिल्ली : कड़कड़डूमा कोर्ट की फास्ट ट्रैक अदालत ने 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को दोषी करार देते हए 10 वर्ष सश्रम कारावास व दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टीआर नवल ने आरोपी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आरोपी पिता को सजा सुनाने में पीड़िता के बयानों को अहम माना है। इस मामले में पीड़िता का भाई भी गवाह था।
पीड़िता की मा ने 25 नवंबर 2011 को खजूरी खास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय बेटी 20 नवंबर से गायब है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी। इस बीच 27 नवंबर 2011 को पीड़िता की मां अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंच गई। उसने अपने पति पर बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। पुलिस ने पीड़िता की अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराई, जहां उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। पीड़िता के बयान पर खजूरी खास थाना पुलिस ने उसके पिता को एक दिसंबर 2011 को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया। पीड़िता ने अदालत को बताया कि 18 नवंबर को उसकी मां कोलकाता स्थित उसकी दादी के घर चली गई थी। जब घर पर मां के अलावा भाई भी नहीं था तब उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना से वह डर गई और अपने दोस्त के घर चली गई थी। मां के दिल्ली आने के बाद उसने इस बारे में बताया। अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उसने कहा था कि उसकी पत्नी व बेटी अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं, जिनका वह विरोध करता था, इसी वजह से उसे दोनों ने फंसाया हैं।a

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